Site icon Trending News

Congress MP Sajjan Kumar Dies at 80: 5 अहम और प्रभावशाली तथ्य, जानें उनका राजनीतिक और कानूनी सफर

Congress MP Sajjan Kumar

पूर्व Congress MP Sajjan Kumar, जो 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे थे, का गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

Congress MP Sajjan Kumar के निधन के साथ उनके लंबे और विवादित राजनीतिक एवं कानूनी सफर का अंत हो गया। कभी दिल्ली की राजनीति में प्रभावशाली कांग्रेस नेता रहे कुमार ने बाहरी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र का तीन बार प्रतिनिधित्व किया था। हालांकि, बाद के वर्षों में उनका राजनीतिक करियर 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में हुई सजा के कारण चर्चा में रहा।

1. Congress MP Sajjan Kumar ने दिल्ली से शुरू किया राजनीतिक सफर

Congress MP Sajjan Kumar ने दिल्ली में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। वर्ष 1977 में वह दिल्ली नगर निगम के पार्षद चुने गए और इसके बाद कांग्रेस में एक प्रमुख नेता के रूप में उभरे।

1980 में उन्होंने बाहरी दिल्ली लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर पहली बार संसद में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने 1991 और 2004 में भी लोकसभा चुनाव जीता। 2004 में उन्होंने बाहरी दिल्ली सीट से बड़ी जीत दर्ज की थी।

2. 1984 के दंगों के बाद बदल गया राजनीतिक करियर

Congress MP Sajjan Kumar का राजनीतिक जीवन 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़की हिंसा के बाद काफी बदल गया।

इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या के बाद देश के कई हिस्सों में सिख विरोधी हिंसा हुई। दिल्ली इस हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल थी। हजारों सिखों की जान गई और कई परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

इसी हिंसा से जुड़े आरोपों और कानूनी मामलों में Congress MP Sajjan Kumar का नाम सामने आया और उनके खिलाफ लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया चलती रही।

इस लेख में बताए गए उत्पाद को देखने के लिए यहां क्लिक करें:

उत्पाद देखें

3. 2018 में मिली उम्रकैद की सजा

1984 दंगों से जुड़े लंबे समय से चल रहे मामलों में दिसंबर 2018 एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। दिल्ली हाई कोर्ट ने Congress MP Sajjan Kumar को पांच लोगों की हत्या और एक गुरुद्वारे को जलाने से जुड़े मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई।

यह फैसला 1984 की हिंसा से जुड़े मामलों में न्याय की लंबी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना गया। इसके बाद कुमार को तिहाड़ जेल में रखा गया, जहां उन्होंने अपनी सजा काटनी शुरू की।

4. 2025 में दूसरी उम्रकैद की सजा

Congress MP Sajjan Kumar से जुड़े कानूनी मामले 2018 की सजा के बाद भी खत्म नहीं हुए। फरवरी 2025 में दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें 1984 की हिंसा के दौरान जसवंत सिंह और उनके बेटे तरुणदीप सिंह की हत्या से जुड़े एक अलग मामले में भी उम्रकैद की सजा सुनाई।

इस मामले में दो सिख पुरुषों की हत्या और हिंसा से जुड़े आरोपों को लेकर अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया। उनकी उम्र और स्वास्थ्य को भी सजा से संबंधित परिस्थितियों में ध्यान में रखा गया था।

इस लेख में बताए गए उत्पाद को यहां भी देख सकते हैं:

अनुशंसित उत्पाद देखें

5. सजा काटते हुए 80 वर्ष की उम्र में निधन

Congress MP Sajjan Kumar अपनी उम्रकैद की सजा के दौरान जेल में थे। 20 अगस्त 2026 को उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें तिहाड़ जेल से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वह 80 वर्ष के थे।

Congress MP Sajjan Kumar का निधन भारतीय राजनीति और 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े लंबे कानूनी इतिहास का एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। उनका राजनीतिक सफर 1970 के दशक में शुरू हुआ था और वह तीन बार लोकसभा सांसद रहे।

Congress MP Sajjan Kumar की राजनीतिक और कानूनी विरासत

Congress MP Sajjan Kumar की कहानी भारतीय राजनीति, न्याय व्यवस्था और 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के लिए लंबे समय तक चली न्याय की प्रक्रिया के बीच के संबंध को दर्शाती है।

उन्होंने दिल्ली की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान बनाया और तीन बार लोकसभा में बाहरी दिल्ली का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि, उनके जीवन के अंतिम वर्षों में राजनीतिक उपलब्धियों की तुलना में 1984 दंगों से जुड़े मुकदमे और जेल की सजा अधिक चर्चा में रहे।

उनका निधन 80 वर्ष की उम्र में हुआ, लेकिन 1984 की हिंसा, पीड़ित परिवारों को न्याय और दशकों तक चली कानूनी प्रक्रिया से जुड़े सवाल आज भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

इस लेख में बताए गए उत्पाद के लिए यहां क्लिक करें:

उत्पाद यहां देखें

मुख्य बात

Congress MP Sajjan Kumar का 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। दिल्ली के पार्षद से लेकर तीन बार लोकसभा सांसद बनने तक उनका राजनीतिक सफर काफी प्रभावशाली रहा, लेकिन बाद के दशकों में उनका नाम 1984 की हिंसा से जुड़े कानूनी मामलों और सजाओं के कारण प्रमुखता से सामने आया।

IND vs AFG U19 World Cup Semifinal: Dominant India Power Past Afghanistan to Set Up Dream Final vs England

 

Exit mobile version